<div id="MiddleColumn_internal"> <h3 style="text-align: justify; "><span>भूमिका</span></h3> <p style="text-align: justify; ">रजोनिवृत्ति या मेनोपोज , यह हर महिला के जिंदगी में होनेवाली एक महत्वपूर्ण घटना हैं। रजोनिवृत्ति के दौरान महिलाओं को कई प्रकार के परेशानी के दौर से गुजरना पड़ता हैं। रजोनिवृत्ति के लक्षणों से निपटने के लिए कुछ महिलाओं में किसी प्रकार के उपाय या उपचार की जरुरत नहीं पड़ती हैं। कुछ महिलाओं में यह लक्षण बिना कोई तकलीफ के अपने आप ठीक हो जाते है परन्तु कई महिलाओं में यह लक्षण शारीरिक और मानसिक रूप से इतने पीड़ादायक होते है की उनके लिए योग्य उपाय और उपचार करना जरुरी होता हैं।<span> </span></p> <h3 style="text-align: justify; ">रजोनिवृत्ति अथवा मेनोपोज के लक्षण और समस्या से बचने का उपचार<span> </span></h3> <p style="text-align: justify; ">रजोनिवृत्ति के उपचार और घरेलु उपाय संबंधी जानकारी नीचे दी गयी हैं -</p> <h3 style="text-align: justify; ">हॉर्मोन उपचार अथवा मेनोपोजल हॉर्मोन थेरेपी</h3> <p style="text-align: justify; ">कुछ महिलाओं में रजोनिवृत्ति के दरम्यान होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण समस्या इतनी गंभीर हो जाती है की उन्हें डॉक्टर से ईलाज की जरुरत पड़ जाती हैं। डॉक्टर महिलाओं के समस्या के गंभीरता अनुसार हार्मोनल दवा देकर मेनोपोजल हॉर्मोन थेरेपी देते हैं। इस थेरेपी के कई दुष्परिणाम होने के कारण अधिक आवश्यकता पड़ने पर ही यह लेनी चाहिए और अल्प काल तक ही लेनी चाहिए। हार्मोनल थेरेपी की जगह अपने जीवन जीने के तरीके में योग्य बदलाव लाकर महिलाएं रजोनिवृत्ति के लक्षणों से निपट सकती हैं।</p> <h3 style="text-align: justify; ">गर्म पसीने आना अथवा हॉट फ्लाशेस</h3> <p style="text-align: justify; ">रजोनिवृत्ति के बाद गर्म पसीने आने की समस्या आने पर नीचे दी गयी उपाय करे-</p> <ul style="text-align: justify; "> <li>पता लगाये की आपको किन चीजो से गर्म पसीने आने की तकलीफ होती हैं। </li> <li>अधिक तीखा, तला हुआ आहार, तनाव, शराब, चाय, कॉफ़ी, तंग कपड़े, गर्म स्थान और सिगरेट पीना जैसे उत्तेजना निर्माण करनेवाले चीजो से परहेज करे। </li> <li>अगर आपका वजन ज्यादा है तो वजन कम करने का प्रयास करे। </li> <li>हमेशा ठंडी जगह पर काम करे या काम करने की जगह आवश्यकता अनुसार पंखा या ए.सी. का उपयोग करे। </li> <li>गर्म पसीने आनेपर शांत बैठकर लंबी और गहरी साँसे लेना चाहिए। </li> <li>अपने आहार में सोयाबीन से बने पदार्थ का समावेश करे।<span> </span></li> </ul> <h3 style="text-align: justify; ">नींद की कमी अथवा आइसोमीनिया</h3> <p style="text-align: justify; ">रजोनिवृत्ति के कारण नींद की कमी आने पर उपाय योजना करना चाहिए-</p> <ul style="text-align: justify; "> <li>नींद की गोली लेना कम अथवा बंद करे।</li> <li>रात के समय चाय अथवा कॉफ़ी जैसे कैफीन युक्त पदार्थ और शराब नहीं लेना चाहिए। </li> <li>अपना कमरा ठंडा रखे और हलके कपड़े पहने। </li> <li>रोज नियत समय पर सोये और जागे। </li> <li>रात को देरी से खाने और भारी खाने से परहेज करे।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify; ">यौन समस्या</h3> <p style="text-align: justify; ">रजोनिवृत्ति के कारण होनेवाली यौन समस्या से निपटने के लिए नीचे दी उपाय योजना करे-</p> <ul style="text-align: justify; "> <li>रजोनिवृत्ति के बाद योनि की शुष्कता के कारण पीड़ादायक संभोग की समस्या होती हैं। महिलाये डॉक्टरी सलाह अनुसार घाव कम करने के लिए एस्ट्रोजन क्रीम, यौनइच्छा बढ़ाने के लिए टेस्टोस्टेरोन क्रीम और योनि की शुष्कता दूर करने के लिए चिकनाई क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं। </li> <li>सूती अंतर्वस्त्रों का उपयोग करे। </li> <li>पेल्विक फ्लोर कसरत करे। पेशाब करते समय पेशाब को बीच में ही 2 सेकंड तक रोकना और छोड़ने की प्रक्रिया को पेल्विक फ्लोर कसरत कहते हैं। </li> <li>अपने पति के साथ आपके शारीरिक और मानसिक बदलाव के बारे में चर्चा करे।<span> </span></li> </ul> <h3 style="text-align: justify; ">बालों और त्वचा का रूखापन</h3> <p style="text-align: justify; ">रजोनिवृत्ति के कारण त्वचा और बालों में रूखापन आ जाता हैं। इनसे निपटने के लिए नीचे दी हुई उपाय योजना करे-</p> <ul> <li><span>त्वचा अधिक शुष्क होने पर डॉक्टर की सलाह अनुसार दी न में दो बार अल्कोहल फ्री मॉइस्चराइजर अथवा लोशन का इस्तेमाल करे।</span></li> <li><span>बालों को धोते समय कंडीशनर का इस्तेमाल करे।</span></li> </ul> <p style="text-align: justify; "><span> </span></p> <ul style="text-align: justify; "> <li>धूप से बचे। कैप या टोपी का इस्तेमाल करे। सूर्यकिरणों से बचने के लिए 15 एस पी एफ सनस्क्रीन का इस्तेमाल करे। </li> <li>अधिक केमिकल युक्त सौंदर्य प्रसाधन का उपयोग करने की जगह डॉक्टर की सलाह लेकर हर्बल चीजो का उपयोग करे। </li> </ul> <h3 style="text-align: justify; ">मानसिक परेशानी</h3> <p style="text-align: justify; ">रजोनिवृत्ति के कारण महिलाओं को तनाव, चिंता, चिड़चिड़ापन, कम स्मरणशक्ति और बैचेनी जैसे मानिसक परेशानी से गुजरना पड़ता हैं। इन लक्षणों को कम करने के लिए नीचे दी हुई उपाय योजना करे-</p> <ul style="text-align: justify; "> <li>तनाव मुक्त रहे। सकारात्मक सोच रखे। </li> <li>अपने मानसिक बदलाव के बार में अपने डॉक्टर और साथी से चर्चा करे। </li> <li>उन कार्यों में सहभाग ले जिन्हे करने से आपको आनंद प्राप्त होता हैं। </li> <li>योग और प्राणायाम का नियमित अभ्यास करे। नियमित रूप से व्यायाम करे। </li> <li>एक समय पर एक ही कार्य पर ध्यान केंद्रित करे।<span> </span></li> </ul> <h3 style="text-align: justify; ">आहार</h3> <p style="text-align: justify; ">रजोनिवृत्ति के समय होनेवाले हार्मोनल बदलाव के कारण महिलाओं में कमजोरी आ जाती है इसलिए पौष्टिक समतोल आहार लेना बेहद जरुरी होता हैं।</p> <ul style="text-align: justify; "> <li>विभिन्न प्रकार की सब्जियां, फल और साबुत अनाज का अपने आहार में समावेश करे। </li> <li>प्रोटीन युक्त आहार अधिक लेना चाहिए। </li> <li>इस समय महिलाओं में कैल्शियम की कमी अधिक होती है इसलिए सुबह-शाम एक ग्लास दूध पीना चाहिए। </li> <li>शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मिलने के लिए सुबह 8 बजे के पहले 15 से 20 मिनिट तक सूर्यकिरणों की आवश्यकता होती हैं। </li> <li>अपने आहार में नमक, चीनी और चर्बी युक्त आहार का प्रमाण कम करे। </li> <li>रोजाना 8 से 10 ग्लास पानी अवश्य पीना चाहिए। </li> </ul> <p style="text-align: justify; ">ऊपर दी ए हुए सुझावों का पालन कर महिलाए रजोनिवृत्ति के समय होनेवाले परेशानी को काफी हद तक कम कर सकती हैं। महिलाओं ने रजोनिवृत्ति के कारण अधिक परेशानी होने पर उसे छुपाने की जगह अपने पति से चर्चा कर डॉक्टर की सहायता अवश्य लेनी चाहिए। आप थोड़ी सी सावधानी और उपाय कर अपने जीवन का यह नया दौर खुशी-खुशी बिता सकते हैं।</p> <p style="text-align: justify; ">लेखक: <span>डॉ. परितोष त्रिवेदी</span></p> <a class="external_link ext-link-icon" href="http://www.nirogikaya.com/" title=" निरोगिकाया (नए विंडोज में खुलने वाली अन्य वेबसाइट लिंक)"> निरोगिकाया</a><br /><img class="image-left" src="https://static.vikaspedia.in/media/images_hi/health/ayush/92f94b917-93593f91c94d91e93e928/copy_of_logo.png" /></div>