कुपोषण को रोकने के लिए शपथ लें, देखिये इस विडियो में कुपोषण समाप्त करने की मेरी शपथ महिलाएं शपथ लें कि जब उनकी बहु गर्भवती होगी, वे उनकी पूरी देखभाल करेंगी, उन्हें पोषक आहार जैसे हरी सब्जि़यां, दालें, अण्डे, फल आदि उचित मात्रा में देंगी। वे उन्हें आयोडीन युक्त नमक में पका भोजन देंगी तथा आयरन फोलिक एसिड की गोलियां देंगी। युवा पुरुषों को शपथ लेनी चाहिए कि वे गर्भावस्था के दौरान अपनी पत्नी का पूरा ख्याल रखेंगे। वे सुनिश्चित करेंगे कि वह समय पर खाए और पर्याप्त आराम करे। सातवें महीने से वे सुनिश्चित करेंगे कि उनके बच्चे को स्तनपान के साथ घर का बना पोषक आहार मिले। महिलाएं शपथ लें कि वे अपने नवजात शिशु को अपना पहला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) देंगी और पहले छह महीने अपने बच्चे को केवल स्तनपान कराएंगी। जब उनका बच्चा सातवें महीने में प्रवेश करेगा, वे उसे स्तनपान के साथ घर का पका स्वास्थ्यप्रद भोजन भी देंगी। 18 साल की उम्र से पहले एक लड़की शारीरिक और मानसिक रूप से माँ बनने की जि़म्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं होती। ऐसे मामलों में उसके बच्चे को हमेशा कुपोषण के जोखिम का खतरा होता हैं। इसलिए 18 साल से पहले अपनी बेटी की शादी के बारे में कभी भी न सोचें। अभिभावक शपथ लें कि वे 18 साल की उम्र से पहले अपनी बेटी की शादी नहीं करेंगे। और वे सुनिश्चित करेंगे कि उसका होने वाला बच्चा कुपोषण से सुरक्षित रहे। युवा पुरुष शपथ लें कि वे 18 साल से कम उम्र की लड़की से शादी नहीं करेंगे ताकि उनका होने वाला बच्चा कुपोषण से सुरक्षित रह सके। सरपंच (गांव की मुखिया) शपथ ले कि वह गांव में किसी भी लड़की की शादी 18 साल की उम्र से पहले नहीं होने देगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसके गांव मे कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो। लक्ष्य कुपोषण के लक्षणों और इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरुकता पैदा करना इस वीडियो का लक्ष्य है, ताकि समुदाय को इस पर उचित कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। यह व्यापक स्तर पर समुदाय को जानकारी देने के लिए है। स्त्रोत: यूनिसेफ एवं अन्य विकास साझेदारों के सहयोग से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्मित।