भूमिका सिलिकोसिस एक तरह की व्यवसाय जनित फेफड़ों की बिमारी हैं, जो कि क्रिस्टलीय सिलिका की धूल में कार्य करने के दौरान सांस लेने से होती है। इसमें विशिष्ट रूप से फेफड़ों में सूजन आ जाती है एवं तथा फेफड़ों के भागों में गांठदार घाव बन जाते हैं। और इस बिमारी को धूलि फुफ्फुसार्ति (Pneumoconiosis) की श्रेणी में रखा गया है।हरियाणा सरकार श्रम विभाग अधिसूचना,दिनांक 04 जनवरी, 2017 ,नं0 6/75/2016-1 लैब, हरियाणा राज्य के राज्यपाल प्रसन्नता पूर्वक "हरियाणा सिलिकोसिस पुर्नवास नीति" को प्रस्तुत करते हैं जो कि भयानक व्यवसाय जनित फेफड़ों की बिमारी "सिलिकोसिस' से पीड़ित श्रमिकों के ईलाज, मुआवजा, पुर्नवास तथा विभिन्न कल्याणकारी सुविधाएं सुनिश्चित करेगी। सिलिकोसिस के लक्षण टी0बी0 से सम्बन्ध सांस का फूलना थकान होना भूख न लगना छाती में दर्द, सूखी खांसी सांस लेने में अवरोध अन्ततः मृत्यु । सिलिकोसिस एक लाइलाज फेफड़ों की बीमारी है जो कि सिलिकोसिस प्रवृत्तक कार्य स्थलों जैसे कि स्टोन क्रेशर, कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र, निर्माणाधीन स्थल एवं खानों पर हो सकती है। विश्व स्तर पर इस बिमारी से बचाव व खत्म करने के सभी प्रयासों के बावजूद सिलिकोसिस से प्रत्येक वर्ष लाखों श्रमिक इससे प्रभावित होते हैं तथा हजारों लोगों की मृत्यु हो जाती है। यह बिमारी पीड़ित व्यक्ति के शरीर में लगातार बढ़ती है और स्थाई रूप से विकलांगता पैदा कर सकती है, इसके बावजूद सिलकोसि दुनिया में प्रमुख व्यावसयिक स्वास्थ्य बीमारियों में से एक बनी हुई है। हरियाणा प्रदेश में सिलिकोसिस, कारखाना अधिनियम, 1948 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (रोजगार और शर्तों का विनियमन सेवा) अधिनियम, 1966 के अन्र्तगत अधिसूचित बीमारी है। लक्ष्य प्रगतिशील प्रदेश हरियाणा द्वारा सिलिकोसिस पीड़ितों के ईलाज, मुआवजा, पुर्नवास के लिये एक एकीकृत नीति "हरियाणा सिलिकोसिस पुर्नवास नीति बनाई गई है। यह नीति सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिक, जो कि सामाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उनके ईलाज, मुआवजा, पुर्नवास तथा विभिन्न कल्याणकारी सुविधाएं सुनिश्चित करेगी। हरियाणा सिलीकोसिस पुर्नवास नीति की परिपालना के तरीके नीचे दर्शाये गये हैं - पात्रता जिस श्रमिक को सिलिकोसिस डायग्नोसीस बोर्ड प्रमाणित करेगा वह इस नीति के अन्तर्गत पात्र होगा। यह नीति केवल कारखानों तथा निर्माण स्थलों पर कार्य करने वाले श्रमिकों पर लागू होगी। पुर्नवास एवं अन्य कल्याणकारी पहलू क)ईलाज जब भी कोई संदिग्ध मामला सिलिकोसिस डायग्नोसिस बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया जाता है, तो उस श्रमिक को ईलाज हेतु अस्पताल भेजा जायेगा। जो श्रमिक कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अन्तर्गत पंजीकृत होगा उसे ईलाज हेतु ई0एस0आई0 अस्पताल भेजा जायेगा और जो श्रमिक, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अन्तर्गत पंजीकृत नहीं है तो उसे जांच पड़ताल, मुफत ईलाज, तथा दवाईयों के लिये राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के जिला अस्पतालों अथवा चिकिस्ता महाविद्यालयों में भेजा जायेगा। यदि सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिक के ईलाज के लिये कोई दवाई, जांच या उपकरण स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध नहीं है तो स्वास्थ्य विभाग उसको बाजार से खरीद सकता है तथा उस राशि की प्रतिपूर्ति श्रम विभाग द्वारा की जायेगी। ख)मुआवजा जो श्रमिक कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अन्तर्गत पंजीकृत है, उसको इस अधिनियम के प्रावधानों के अन्तर्गत मुआवजा दिया जायेगा तथा जो इसके अन्तर्गत पंजीकृत नहीं है, उसको कामगार क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के प्रावधानों के अन्तर्गत मुआवजा दिया जायेगा। ग)कल्याणकारी योजनाएं क्रम.स. कल्याणकारी योजना का नाम सहायता राशि पात्रता की शर्ते i. पुनर्वास सहायता सिलिकोसिस डायग्नोसिस बोर्ड द्वारा प्रमाणित होने बोर्ड द्वारा प्रमाणित होने उपरान्त एक मुश्त 5 लाख रूपये की सहायता राशि। सिलिकोसिस डायग्नोसिस बोर्ड द्वारा प्रमाणित होने बोर्ड द्वारा प्रमाणित होने उपरान्त यदि किसी श्रमिक की मृत्यु हो जाती है और उसे पुर्नवास सहायता उसके- विधवा/विधुर अगर श्रमिक शादीशुदा था। अथवा जीवित माता/पिता में से एक, यदि श्रमिक शादीशुदा नहीं था। को देय होगी। पहचान पत्र मुत्यु प्रमाण-पत्र यदि मृत्यु पुर्नवास रू0 की सहायता प्राप्त होने से पहले हुई हो तो। ii. मृत्यु उपरान्त सहायता 1 लाख रू0 की राशि सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिक मृत्यु उपरान्त उसके – • विधवा/विधुर अथवा नामांकित किये हुये व्यक्ति को, यदि मृतक शादिशुदा नहीं था। को देय होगी। मृतक का पहचान पत्र मृत्यु प्रमाण पत्र iii. अंतिम संस्कार सहायता राशि 15 हजार रू0 की राशि मृतक श्रमिक के अंत्येष्टि पत्र अनुष्ठानों के लिये मृतक का पहचान पत्र iv. सिलिकोसिस पुर्नवास पेंशन 4,000 रू0 की राशि प्रति माह आई.एल.ओ. द्वारा सिलिकोसिस वर्गीकृत (ए),(बी) (सी) श्रेणी के श्रमिकों के लिये, जबतक वह जीवित है। पहचान पत्र ईलाज सम्बन्धी सभी दस्तावेज v. पारिवारिक पेंशन 3500/- रू0 की राशि प्रति माह श्रमिक की सिलिकोसिस से मृत्यु उपरान्त उसके- जीवित विधवा/विधुर अथवा जीवित माता/पिता यदि श्रमिक शादीशुदा नहीं है तो, को देय होगी। पहचान पत्र श्रमिक का मृत्यु प्रमाण पत्र vi. बच्चों की शिक्षा के लिये वित्तीय सहायता 5000/- से 12000/-रू0 की राशि प्रति वर्ष कक्षा 1 से स्नातकोत्तर तक- कक्षा 1 -5 में 5000/- कक्षा 6-8 में 6000/- कक्षा 9-10 में 8000/- कक्षा 11-12 में 10000/- आई0टी0आई0/डिप्पलोमा/ स्नातक/स्नातकोत्तर में 12000/- पहचान पत्र • पिछली कक्षा का परिणाम अगली कक्षा में दाखिले का प्रमाण पत्र दो लड़कों तथा तीन लड़कियों तक उनके जन्म क्रमांक के निरेपेक्षानुसार देय होगा। vii. लड़की की शादी हेतु कन्यादान सहायता 51,000/-रू0 की राशि तीन लड़कियों तक देय पहचान पत्र सरपंच/वार्ड मैम्बर द्वारा प्रमाणित शादी का निमन्त्रण पत्र । तीन लड़कियों तक देय viii. लड़कों की शादी हेतु वित्तीय सहायता 11,000/-रू0 की राशि दो लड़कों तक देय पहचान पत्र सरपंच/वार्ड मैम्बर द्वारा प्रमाणित शादी का निमन्त्रण पत्र । दो लड़कों तक देय। घ)कल्याणकारी योजनाओं के लिये कोष इस नीति को अमल में लाने तथा कल्याणकारी योजनाओं के वित्त के लिये अलग से एक कोष बनाया जायेगा, जिसमें 70 प्रतिशत अनुदान हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड तथा 30 प्रतिशत अनुदान हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मगार कल्याण बोर्ड द्वारा दिया जायेगा। इस कोष में राशि जमा करने का निश्चय प्रशासनिक विभाग के अनुमोदन उपरान्त श्रम आयुक्त, द्वारा लिया जायेगा। ड.)कार्यान्वयन एवं निष्पादन इस नीति से सम्बन्धित सभी कार्यों का कार्यान्वयन एवं निष्पादन हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा किया जायेगा तथा हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड, सिलिकोसिस डायग्नोसिस बोर्ड द्वारा प्रमाणित सिलिकोसिस पिड़ित श्रमिक, को पहचान पत्र जारी करेगा। इस नीति के तहत कल्याणकारी योजनाओं हेतु आवेदनों का निपटारा हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा किया जायेगा। इन कल्याणकारी योजनाओं पर तथा अन्य खर्चे के व्यय की मंजूरी हेतु श्रम आयुक्त, हरियाणा जो कि कल्याण आयुक्त भी हैं, सक्षम प्राधिकारी होंगे। सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिकों को दिये जाने वाले लाभ का रिकार्ड हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा रखा जायेगा। ङ)आवेदन प्रक्रिया सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिक, कल्याणकारी योजनाओं के तहत सहायता राशि प्राप्त करने हेतु आवेदन निर्धारित प्रोफार्मा में (अनुलग्नक i से viii) अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य, श्रम विभाग के पास जमा करवायेगा। जिसे सहायक निदेशक औ0 स्वा0 जांच पड़ताल के बाद श्रम आयुक्त-सह-कल्याण आयुक्त, हरियाणा के कार्यालय को प्रेषित करेगा। आवेदन पत्र को विभाग की हरियाणा श्रमिक विभाग के वेबसाइट से डाऊनलोड किया जा सकता है। च)जागरूकता सिलिकोसिस सम्बन्धित बिमारी की जागरूकता के लिये श्रमिकों को समय-समय पर नियमित परामर्श दिया जायेगा। इसको सुनिश्चित करने के लिये कर्मचारी राज्य बीमा स्वास्थ्य संरक्षण/सामान्य अस्पताल/चिकित्सा महाविद्याय के चिकित्सकों/ गैर सरकारी संगठन तथा सामाजिक कार्यकताओं के समन्वय से पूरे प्रदेश में विस्तृत जागरूकता कार्यक्रम नियमित तौर पर किये जायेंगे। श्रम विभाग द्वारा इस बीमारी के गम्भीर परिणाम, जल्दी और समय पर पता लगने के लाभ तथा साथ ही हरियाणा सिलिकोसिस पुर्नवास नीति के व्यापक प्रचार और प्रसार हेतु अखबार/विज्ञापन/रेडियो जिंगल/ दूरदर्शन कार्यक्रम/नुक्कड़ नाटक/नाटकशाला इत्यादि तथा अन्य प्रचार माध्यमों से प्रचारित करना सुनिश्चित किया जायेगा। अनुलग्नक - 1(सिलिकॉसीस से पीडित व्यक्ति का विवरण) पहचान संख्या दिनांक - नाम - सिलिकॉसीस प्रभावित व्यक्ति का फोटो आयु- लिंग - आधार संख्या - मतदाता पहचान संख्या - राज्य कर्मचारी बीमा संख्या - पिता का नाम - वर्तमान पता - स्थाई पता - सिलीकासीस प्रमाणित करने की तिथि - सिलीकासीस बीमारी की श्रेणी - ईलाज शुरू होने की तिथि - अस्पताल का पता - बैंक खाते का ब्यौरा - खाता संख्या - बैंक का नाम व शाखा - आईएफएससीकोड.......... परिवार का विवरण क्र.स. परिवार के सदस्य का नाम आयु सीलिकासीस प्रभावित व्यक्ति से सम्बन्ध पारिवारिक सदस्यों के फोटो नामांकित व्यक्ति का ब्यौरा (पति या पत्नी/जीवित माता-पिता में से एक) क्र.स. नामांकित व्यक्ति का नाम सीलिकासीस प्रभावित व्यक्ति से सम्बन्ध आयु नामांकित व्यक्ति की फोटो आधार संख्या - मतदाता पहचान संख्या - खाता संख्या - बैंक का नाम व शाखा - आईएफएससीकोड.......... स्थानः दिनांकः आवेदक के हस्ताक्षर /अंगूठे का निशान उप निदेशक/सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य अनुबंध - 2 (पुनर्वास सहायता के लिये आवेदन पत्र) 1. प्रार्थी का नाम 2. आयु... ..............लिंग............मोबाईल नं 3. आधार नं ....वोटर आई.डी नं .......... 4. कर्मचारी जीवन बीमा नं ... 5. पिता/पति का नाम ....... 6. रिहायसी पता- पत्राचार पता - ...वर्तमान पता...... 7. सिलीकोसिस पहचान दिनांक 8. सिलीकोसिस की स्थिति 9. इलाज चलने की तिथि 10. अस्पताल का नाम जहां पर ईलाज चल रहा है। 11. सिलिकोसिस से पीड़ित श्रमिक की बैंक स्थिति खाता नं .............बैंक व ब्राच का नाम ..............आईएफएससीकोड.......... जमा किये गये दस्तावेज (क) पहचान पत्र की प्रति (ख) आधार कार्ड व वोटर कार्ड की प्रति (ग) बैंक पास बुक (घ) मेडिकल रिकार्ड मेरे द्वारा उपर दी गई सूचना सत्य है । स्थान- दिनांक - प्रार्थी के हस्ताक्षर अनुलग्नक - 3 (अन्तिम संस्कार सहायता के लिये आवेदन) 1. प्रार्थी का नाम..... 2. पता..................... मोबाईल नं ........ 3. प्रार्थी का आधार नं पहचान पत्र............... 4. पीड़ित श्रमिक के साथ संबंध 5. पीड़ित श्रमिक का नाम व पता 6. पहचान पत्र नंबर 7. मृत्यु का प्रकृति ........... 8. खाता नं ............... बैंक का नाम व ब्रांच ...................आईएफएससी कोड... 9. दिये गये दस्तावेजो की सूची - क. मृत्यु प्रमाण पत्र / श्रमिक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ख. सिलिकोसिस का पहचान कार्ड मेरे द्वारा उपरलिखित दी गई सूचना सत्य है। प्राथी के हस्ताक्षर स्थान - दिनांक अनुलग्नक - 4 -(पारिवारिक पेंशन के आवेदन) आवेदक की फोटो 1. प्रार्थी का नाम.. 2. पता... .............................मोबाईल नं ......... 3. प्रार्थी का आधार नं...... पहचान पत्र... 4. पीड़ित श्रमिक के साथ संबंध 5. पीड़ित श्रमिक का नाम व पता 6. पहचान पत्र नंबर 7. सीलिकोसिस से पीड़ित श्रमिक की मृत्यु की तिथि......... 8. खाता नं .... बैंक का नाम व ब्रांच आईएफएससी कोड........ 9. दिये गये दस्तावेजो की सूची - मृतक श्रमिक का पहचान पत्र मृत्यु प्रमाण पत्र मृतक श्रमिक के साथ संबंध का प्रमाण पत्र बैंक की पास बुक आधार कार्ड व पहचान पत्र की प्रति मेरे द्वारा उपरलिखित दी गई सूचना सत्य है। स्थान - प्रार्थी के हस्ताक्षर दिनांक अनुलग्नक – 5 (पुनर्वास पेंशन के लिये आवेदन पत्र) 1. प्रार्थी का नाम 2. आयु.......................पुरूष/महिला...................मोबाईल नं .......... 3. आधार नं...........वोटर आई.डी नं ......... 4. कर्मचारी जीवन बीमा नं .. 5. पिता/पति का नाम । 6. रिहायसी पताः पत्राचार पता.......... वर्तमान पता......... 7. सिलीकोसिस पहचान दिनांक 8. सिलीकोसिस की स्थिति 9. इलाज चलने की तिथि 10. अस्पताल का नाम जहां पर ईलाज चल रहा है। 11. सिलिकोसिस से पीड़ित श्रमिक की बैंक स्थिति खाता नं ............... बैंक व ब्राच का नाम................................... आईएफएससीकोड................................... जमा किये गये दस्तावेज (क) पहचान पत्र की प्रति (ख) आधार कार्ड व वोटर कार्ड की प्रति (ग) बैंक पास बुक (घ) मेडिकल रिकार्ड मेरे द्वारा उपर दी गई सूचना सत्य है । स्थानः दिनांक - प्रार्थी के हस्ताक्षर अनुलग्नक- 6(विवाह सहायता के लिये आवेदन) 1. प्रार्थी का नाम (श्रमिक/मृतक श्रमिक के पारिवारिक सदस्य ) 2. प्रार्थी का आधार नं.......वोटर आई.डी... 3. पीड़ित श्रमिक से संबंध (यदि पारिवारिक सदस्य आवेदन कर रहा है) ...... 4. पता.............. 5. पहचान पत्र नं......................... 6. सीलिकॉसीस से प्रभावित श्रमिक की मृत्यु की तिथि..................... 7. पुत्र/पुत्री के विवाह सहायता के लिये आवेदन........ (क) जन्म तिथि पुत्र/पुत्री जिसकी शादी होनी है .... (ख) नाम पुत्र /पुत्री जिसकी शादी होनी है .... (ग) क्या आप द्वारा दूसरे पुत्र/पुत्री के विवाह की सहायता के लिये आवेदन किया है, यदि हां तो पूर्ण विवरण दें - (घ) विवाह की तिथि व समय... (ड) दुल्हा व दुल्हन के पिता का पता (च) विवाह सर्टिफिकेट की तिथि व नं ............ 8. प्रार्थी का खाता नं बैंक का नाम व ब्रांच................... ...... आईएफएससी कोड.............................. 9. जमा किये गये दस्तावेज (क) पहचान पत्र (ख) श्रमिक का मृत्यु प्रमाण-पत्र यदि श्रमिक जीवित नहीं है। (ग) शादी का निमंत्रण कार्ड सरपंच/वार्ड मेंबर द्वारा सत्यापित (घ) जन्म प्रमाण पत्र की प्रति, पुत्र/पुत्र जिसकी शादी है। (ड) बैंक पास बुक (च) आधार व वोटर आई.डी की प्रति मेरे द्वारा उपर दी गई सूचना सत्य है। स्थान दिनांक प्रार्थी के हस्ताक्षर अनुलग्नक -7(शैक्षिणिक सहायता के लिये आवेदन) 1. प्रार्थी का नाम (श्रमिक/ मृतक श्रमिक के पारिवारिक सदस्य ).... 2. प्रार्थी का आधार नंबर ....... पहचान पत्र 3. मृतक श्रमिक के साथ संबंध (यदि पारिवारिक सदस्य ने आवेदन किया है )... 4. पता ......... 5. पहचान पत्र नंबर (सिलीकोसिस)........................ 6. सिलीकासिस से पीड़ित श्रमिक की मृत्यु की तिथि ..... 7. शैक्षणिक सहायता के लिये पुत्र/पुत्री द्वारा किया गया आवदेन.............. (क) जन्म तिथि पुत्र/पुत्री (ख) नाम पुत्र/पुत्री ..... क्या कभी आप द्वारा पहले शैक्षणिक सहायता के लिये आवेदन किया है यदि हां तो सूचना दें (ग) किस कक्षा की सहायत के लिये आवेदन किया है। स्कूल व कालेज का नाम व पता.............. 8. प्रार्थी का खाता नं ............... ब्रांच का नाम.................... आईएफएससीकोड................... 9. प्रस्तुत किये गये दस्तावेज - क. पहचान पत्र मृत्यु प्रमाण पत्र यदि श्रमिक जीवित नहीं है तो स्कूल व कालेज द्वारा दिया गया दाखिला प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति जन्म प्रमाण पत्र का सर्टिफिकेट बैंक की पास बुक आधार कार्ड व पहचान पत्र की प्रति मेरे द्वारा उपरलिखित दी गई सूचना सत्य है। स्थान - प्रार्थी के हस्ताक्षर दिनांक - अनुलग्नक - 8(मृत्यु उपरांत सहायता के लिये आवेदन) 1. आवेदक का नाम - 2. पता दूरभाष संख्या 3. आधार संख्या - मतदाता पहचान संख्या - 2. मृतक श्रमिक के साथ सम्बन्ध - 3. मृतक श्रमिक का नाम व पता - 4 पहचान संख्या - 7. मृत्यु का कारण (विवरण सहित) - 8. प्रस्तुत किये जाने वाले दस्तावेज - क) श्रमिक का मृत्यु प्रमाण पत्र – ख) पंहचान पत्र (सिलिकॉसिस) – ग) मृतक श्रमिक के साथ सम्बन्ध का प्रमाण - 9. बैंक खातेकाब्यौरा - खाता संख्या - बैंककानाम व शाखा - आईएफएससीकोड................... उपरोक्त विवरण मेरे ज्ञान व जानकारी अनुसार सही है । स्थान - दिनांक - आदेवदनकर्ता का नाम व हस्ताक्षर अधिकृत पत्र नामांकित व्यक्ति का ब्यौरा (यदि श्रमिक शादीशुदा है तो पति या पत्नी) यदि श्रमिक अविवाहित है तो जीवित माता-पिता में से एक मैं अपने एतद द्वारा..........................................अपने अधिकारिक आश्रित को अधिकृत करता है जो मेरी मृत्यु उपरांत सभी प्रकार के लाभ का अधिकार रखेगा । नामांकित व्यक्ति का नाम सिलिकोसिस से ग्रस्त पीड़ित श्रमिक का संबंध नामांकित व्यक्ति की आयु बैंक खाते का विवरण नामांकित व्यक्ति की फोटो स्थान - दिनांक - श्रमिक के हस्ताक्षर पता स्रोत: श्रम विभाग, हरियाणा सरकार