सुरक्षित मातृत्व दिवस क्या है सुरक्षित मातृत्व दिवस क्या है ?उत्तर - सुरक्षित मातृत्व दिवस एक कैम्प है जिसमे कैम्प के दौरान पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को स्त्री रोग विशेषज्ञ की गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच एवं सलाह की सेवायें निशुल्क प्राप्त होती है। आयोजन का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व दिवस आयोजन का उद्देश्य क्या है ?उत्तर - प्रत्येक गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच उपलब्ध करवाते हुये उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला को चिन्हिकृत करते हुये उपचार एवं फोलोअप किये जाने के उद्देश्य से सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन प्रारम्भ किया गया है। सुरक्षित मातृत्व दिवस आयोजन सुरक्षित मातृत्व दिवस कब और कहां आयोजित होता है ?उत्तर - सुरक्षित मातृत्व दिवस प्रत्येक माह निश्चित शुक्रवार को निश्चित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आयोजित किया जाता है। सुरक्षित मातृत्व दिवस में सेवाएँ सुरक्षित मातृत्व दिवस में क्या सेवाएँ दी जाती है ?उत्तर - सुरक्षित मातृत्व दिवस के दौरान गर्भवती महिला की समस्त एएनसी जांचे जैसे- एचआईवी एवं सिफलिस की जांच, खून की जांच, पेशाब की जांच, वजन लेना, ब्लड प्रेशर की जांच, पेट की जांच, बच्चे के हदय स्पन्दन की जांच, प्रसव पूर्व इतिहास की जानकारी आदि की जाती है साथ ही आईएफए की गोलियां, टीटी के इन्जेक्शन, कैल्शियम की गोली तथा आवश्यकतानुसार आईवी आयरन सुकोज निशुल्क लगाया जाता है। सामान्य एएनसी और सुरक्षित मातृत्व दिवस सामान्य एएनसी में और सुरक्षित मातृत्व दिवस में क्या फर्क है ?उत्तर - सामान्य एएनसी में एएनएम द्वारा सामान्य गर्भवती महिला की चार एएनसी जांच की जाती है। जबकि सुरक्षित मातृत्व दिवस के अन्तर्गत स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की जाती है। आशा के कार्य आशा को सुरक्षित मातृत्व दिवस में क्या करना है ?उत्तर - आशा को अपने क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व दिवस पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से एएनसी जांच कराने हेतु प्रोत्साहित करना। आशा/एएनएम को क्या प्रोत्साहन राशि मिलेगी ?उत्तर - यह एएनएम व आशा का उत्तरदायित्व है इसलिए इसके लिए आपको प्रोत्साहन राशि नहीं मिलेगी। प्रसव कहां कराना है?उत्तर - सुरक्षित मातृत्व दिवस पर स्त्रीरोग विशेषज्ञ से जांच के बाद विशेषज्ञ की सलाहानुसार चिन्हित उपयुक्त उच्च चिकित्सा संस्थान पर प्रसव कराने की योजना बनाई जायेगी। स्रोत: नेशनल हेल्थ मिशन, राजस्थान सरकार