परिचय विटामिन बी 12 की कमी वाले एनीमिया में विटामिन बी 12 की कमी के कारण लाल रक्त कोशिका गणना कम होती है। एनीमिया ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिका नहीं होती है। लाल रक्त कोशिकाएं शरीर के ऊतकों को ऑक्सीजन प्रदान करती हैं। विटामिन बी 12 और फोलेट विटामिन बी 12 और फोलेट एक साथ शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं उत्पन्न करने में मदद करता है। उनके पास अन्य कई महत्वपूर्ण कार्य भी हैं: विटामिन बी 12 तंत्रिका प्रणाली (मस्तिष्क, तंत्रिका और रीढ़ की हड्डी) को स्वस्थ बनाएं रखता है। मांस अंडे दुग्ध उत्पाद फोलेट गर्भवती महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अजन्में शिशुओं में जन्म दोषों के ज़ोखिम को कम करता है। फोलेट का सबसे बेहत्तर स्रोत हरी सब्जियां है, जैसे कि: ब्रोकोली। ब्रुसेल्स/ब्रसेल्स स्प्राउट्स। मटर। लक्षण एनीमिया के लक्षण निम्नलिखित कारणों के आधार पर भिन्न होते हैं: विटामिन बी 12 की कमी /हानिकारक एनीमिया। यदि एनीमिया का कारण विटामिन बी 12 की कमी है, तो किसी में निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं: त्वचा का पीलापन। घाव और लाल जीभ (ग्लोसिटिस) । मुंह का अल्सर। छुअन की संवेदना में बदलाव। दृष्टि दोष। चिड़चिड़ापन। डिप्रेशन/अवसाद। मनोविकृति। मनोभ्रंश।मानसिक क्षमताओं की क्षति, जैसे कि याददाश्त, समझ और निर्णय में कमी। फोलेट की कमी।एनीमिया के सामान्य लक्षणों के साथ-साथ फोलेट की कमी भी हो सकती है: सनसनी/संवेदना की क्षति, जैसे कि छुअन या दर्द में कमी। मांसपेशी कमज़ोरी डिप्रेशन/अवसाद। कारण इस रोग के सटीक कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन यह रोग कुछ ज़ोखिम वाले कारकों से जुड़ा है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं: आयु हानिकारक एनीमिया बड़ी उम्र में ज्यादा पाया जाता है। लिंग हानिकारक एनीमिया पुरुषों की तुलना में महिलाओं को थोड़ा अधिक को प्रभावित करता है। पारिवारिक इतिहास- एनीमिया से पीड़ित लगभग एक तिहाई लोगों में इस स्थिति से संबंधित पारिवारिक सदस्य होते हैं। ऑटोइम्यून स्थिति, जैसे कि एडिसन रोग या विटिलिगो- यह एनीमिया और अन्य ऑटोइम्यून की स्थितियों से भी जुड़ा है। आहार- आमतौर पर शरीर विटामिन बी 12 को लगभग दो से चार वर्ष तक संग्रहित रखता है। हालांकि, संग्रहित विटामिन बी 12 को स्वस्थ स्तर पर रखा जाएं, यह सुनिश्चित करने के लिए आहार में विटामिन बी 12 होना महत्वपूर्ण है। पेट को प्रभावित करने वाली स्थितियां- पेट की कुछ स्थितियां या पेट के संचालन विटामिन बी 12 के अवशोषण को भी रोक सकते है। उदाहरण के लिए गैस्ट्रेक्टोमी (शल्य चिकित्सा प्रक्रिया, जिसमें पेट के हिस्से को निकाल दिया जाता है), विटामिन बी 12 की कमी वाले एनीमिया के विकास के ज़ोखिम को भी बढ़ाता है। आंतों को प्रभावित करने वाली स्थितियां- कुछ स्थितियां, जो कि आंतों (पाचन प्रणाली का भाग है) को प्रभावित करती हैं। उदाहरण के लिए क्रोहन रोग (दीर्घकालिक स्थिति, जिसके कारण पाचन प्रणाली की परत में सूजन हो जाती है),जिसमें कभी-कभी शरीर पर्याप्त विटामिन बी 12 को अवशोषित करने में सक्षम नहीं हो पाता है। फोलेट की कमी से एनीमिया फोलेट पानी में घुलनशील विटामिन है (यह पानी में घुल जाता है), इसके परिणामस्वरूप शरीर इसे लंबे समय तक संग्रहीत करने में असमर्थ होता है। शरीर फोलेट को केवल चार महीनों तक संग्रहित रखता है। इसका मतलब यह है, कि हर व्यक्ति को दैनिक आहार में फोलेट की ज़रूरत है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सकें कि शरीर में पर्याप्त संग्रहित फोलेट है। आहार- दैनिक आहार में पर्याप्त फोलेट नहीं है। माल अवशोषण- कभी-कभी शरीर फोलेट को प्रभावी ढंग से अवशोषित करने में असमर्थ होता है, जैसा कि शरीर द्वारा अवशोषित होना चाहिए। यह आमतौर पर पाचन प्रणाली को प्रभावित करने वाली अंतर्निहित स्थिति के परिणामस्वरुप होता है, जैसे कि सीलिएक रोग। अत्यधिक पेशाब- यदि कोई बार-बार पेशाब जाता है, तो शरीर से प्राय: फोलेट की हानि हो सकती है। यह गुर्दे या यकृत/किडनी को प्रभावित करने वाली अंतर्निहित स्थिति के कारण हो सकता है। गर्भावस्था- यदि कोई महिला गर्भवती है या गर्भवती होने की योजना बना रही है, तो उसे रोज़ कम से कम बारह सप्ताह तक 0.4 मिलीग्राम फोलिक एसिड सेवन करना चाहिए। निदान निदान के लिए रोगी के चिकित्सीय इतिहास और शारीरिक परीक्षण के आधार पर पूर्ण रक्त गणना या परिधीय रक्त स्मीयर की आवश्यकता होती है। प्रबंधन एनीमिया के लिए उपचार मुख्यत: एनीमिया की अंतर्निहित स्थितियों पर निर्भर करता है: आहार से संबंधित यदि आहार में विटामिन बी 12 की कमी के कारण विटामिन बी 12 की कमी होती है, तो चिकित्सक आहार के मध्य प्रतिदिन विटामिन बी 12 गोलियां सेवन के लिए प्रस्तावित कर सकता है। वैकल्पिक तौर पर रोगी को वर्ष में दो बार हाइड्रोकोकोलामिन का इंजेक्शन दिया जा सकता है। विटामिन बी 12 के बेहत्तर स्रोतों में निम्नलिखित शामिल हैं:मांस।सैल्मन (एक प्रकार की मछली)।दूध।अंडा।यदि कोई व्यक्ति शाकाहारी है, तो वैकल्पिक आहार जैसे कि मांस और डेयरी उत्पादों सेवन कर सकता है, जिसमें विटामिन बी 12 होता है, उदाहरण के लिए: पोषण संवर्धन (फ़ूड फोर्टीफाइड) नाश्ता।कुछ सोया उत्पाद।आहार से संबंधित नहीं है यदि विटामिन बी 12 की कमी, आहार में विटामिन बी 12 की कमी के कारण नहीं होती है, तो रोगी को बाकी बचे जीवन में हर तीन महीने के दौरान हाइड्रोकोकोलामिन इंजेक्शन लेने की आवश्यकता हो सकती है। फोलेट की कमी से एनीमिया फोलेट की कमी से उत्पन्न एनीमिया का उपचार करने के लिए चिकित्सक रोगी को फोलेट के स्तरों का निर्माण करने के लिए नियमित फोलिक एसिड की गोलियां प्रस्तावित कर सकता है। जटिलताएं विटामिन बी 12 की कमी से उत्पन्न जटिलताएं विटामिन बी 12 की कमी के कारण निम्नलिखित जटिलताएं हो सकती है: तंत्रिका प्रणाली विटामिन बी 12 की कमी तंत्रिका प्रणाली (मस्तिष्क, तंत्रिका और रीढ़ की हड्डी) को प्रभावित कर सकती है। उदाहरण के लिए व्यक्ति निम्नलिखित स्थितियां महसूस कर सकता है: दृष्टि संबंधी। याददाश्त की हानि। पैरेस्टेसिया (चुभन और सुई) - बाजुओं, पैरों, हाथों या पैरों में चुभन या झुनझुनी महसूस होती है। गतिविभ्रम/अनियमित- शारीरिक तालमेल में गड़बड़ी, जो कि पूरे शरीर को प्रभावित करती है तथा जिसके कारण बोलने या चलने में परेशानी होती है। प्रजनन विटामिन बी 12 की कमी कभी-कभी अस्थायी बांझपन (गर्भ धारण करने में असमर्थता) की स्थिति उत्पन्न कर सकती है। फोलेट की कमी से उत्पन्न जटिलताएं फोलेट की कमी के कारण जटिलताएं हो सकती है, जिनमें से कुछ नीचे दी गयी हैं। प्रजनन विटामिन बी 12 की कमी के साथ फोलेट की कमी भी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है। हालांकि प्रभाव केवल अस्थायी हैं तथा पूरक विटामिन का उपयोग करके इसे बदला जा सकता है। समयपूर्व जन्म गर्भावस्था के दौरान फोलेट का अभाव भी समयपूर्व (गर्भावस्था के सैंतीस सप्ताह पहले) बच्चे के जन्म के ज़ोखिम को बढ़ा सकता है। नेशनल नेशलन हेल्थ पाेर्टल एवं विकासपीडिया द्वारा स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए केवल सांकेतिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। किसी भी निदान/उपचार के लिए कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्त्राेत : नेशलन हेल्थ पाेर्टल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , भारत सरकार।