परिचय यह वह स्थिति है, जिसके कारण त्वचा पर पीले एवं सफ़ेद (त्वचा की डिपिगमेंटेशन/त्वचा के रंग का हल्का होना) दाग विकसित हो जाते है। विटिलिगो त्वचा के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है, लेकिन सबसे अधिक सूर्य के संपर्क में आने वाली त्वचा, जैसे कि चेहरे, गर्दन एवं हाथों को प्रभावित करता है। यह स्थिति एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकती है। यह तब होता है, जब मेलानोसाइट्स, त्वचा (रंजकता) के रंग के लिए उत्तरदायी कोशिकाएं मर जाती है या प्रक्रिया करने में समर्थ नहीं होती है। विटिलिगो का कारण अज्ञात है, लेकिन शोध से पता चलता है, कि यह रोग स्व-प्रतिरक्षित, आनुवंशिक, तनाव से संबंधित प्रक्रिया, तंत्रिका या विषाणु के कारण होता है। लक्षण विटिलिगो त्वचा पर सपाट, सफ़ेद धब्बे या दाग है। घाव हाइपोपिगमेंटिड़ है। रोगियों को उसकी स्थिति के लिए कलंकित किया जाता है और उसे अवसाद एवं मनोदशा विकारों के समान अनुभव हो सकते है। कारण विटिलिगो मेलेनिन नामक त्वचा वर्णक की कमी के कारण होता है। यह अन्य स्थितियों के साथ जुड़ा हो सकता है: स्व-प्रतिरक्षित की स्थिति नॉन सेगमेंट विटिलिगो (एनएसवी), विटिलिगो का सबसे सामान्य प्रकार है, इसे स्व-प्रतिरक्षित स्थिति माना जाता है। इसका मतलब है, कि प्रतिरक्षा प्रणाली (शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली) ठीक से काम नहीं कर रही है। वायरस जैसे बाहरी तत्वों के हमला करने के बजाय प्रतिरक्षा प्रणाली (संक्रमण से लड़ने वाले प्रोटीन) एंटीबॉडी पैदा करती है। ये एंटीबॉडी शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं एवं ऊतकों पर हमला करते हैं। न्यूरो रसायन सेगमेंट विटिलिगो, विटिलिगो का असामान्य प्रकार है। इसका कारण त्वचा में तंत्रिका की समाप्ति से उत्पन्न होने वाले रसायनों को माना जाता है। ये रसायन मेलेनोसैट त्वचा कोशिकाओं के लिए विषाक्त होते हैं। निदान आमतौर पर विटिलिगो का निदान चिकित्सक द्वारा शारीरिक परिक्षण के आधार पर किया जाता है। इसके अलावा परीक्षण: वुड लैंप परीक्षण/दीपक त्वचा विश्लेषक यदि उपलब्ध हों, तो चिकित्सक पराबैंगनी लैंप का उपयोग कर सकता है, जिसे वुड लैंप परीक्षण/दीपक त्वचा विश्लेषक कहा जाता है, ताकि त्वचा को अधिक विस्तार से देखा जा सकें। इसके लिए अंधेरे कमरे की ज़रूरत होती है तथा लैंप को त्वचा से दस से तेरह सेंमी (चार से पांच इंच) दूर हो रखा जाता है। पराबैंगनी प्रकाश के भीतर विटिलिगो के धब्बों को आसानी से देखा जा सकता है। अन्य स्व-प्रतिरक्षित की स्थितियां गैर-सेगमेंटल विटिलिगो विटिलिगो का सबसे सामान्य प्रकार है, जो कि अन्य स्व-प्रतिरक्षित स्थिति से निकटता से जुड़ा है। प्रबंधन इस रोग का कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। हालांकि, त्वचा के रंग की उपस्थिति को निश्चित उपचार की सहायता से दोबारा प्राप्त किया जा सकता है। चिकित्सा उपचार में शामिल हैं: त्वचा पर लगायी जाने वाली दवाएं (जैसे कि स्टेरॉइड क्रीम)। उपचार, जिसमें दवा के साथ पराबैंगनी ए (यूवीए) प्रकाश (पीयूवीए) का उपयोग किया जाता है। सर्जिकल उपचार में शामिल हैं: किसी व्यक्ति के अपने ऊतकों से त्वचा का प्रत्यारोपण किया जाता है। चिकित्सक रोगी के शरीर के एक हिस्से से त्वचा ले सकता हैं तथा इसे किसी अन्य हिस्से में प्रत्यारोपित कर सकता हैं। इसका उपयोग कभी-कभी विटिलिगो के छोटे धब्बों से पीड़ित रोगियों के लिए किया जाता है। नेशनल नेशलन हेल्थ पाेर्टल एवं विकासपीडिया द्वारा स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए केवल सांकेतिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। किसी भी निदान/उपचार के लिए कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्त्राेत : नेशलन हेल्थ पाेर्टल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , भारत सरकार।