कोविड 19 महामारी के मद्देनजर पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार ने राज्य सरकारों के सहयोग से कई कदम उठाए हैं। राज्यों के साथ ही जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ परामर्श और दिशानिर्देश के माध्यम से सुनिश्चित किया गया है कि बीमारी के प्रसार पर रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन की शर्तों का उल्लंघन नहीं हो और सावधानी के क्रम में सामाजिक दूरी के नियमों का पूरी तरह पालन हो। इसके अलावा पंचायत स्तर पर कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिनका पालन सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं के उदाहरण के रूप में दूसरे भी कर सकते हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं - राजस्थान राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों के बीच व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया वाट्सऐप ग्रुप का उपयोग किया गया है। जगह-जगह पर पोस्टर लगाकर लोगों को जमीनी स्तर पर जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। हनुमानगढ़ जिले की ग्राम पंचायत मक्कासर में नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है और सड़कों पर सोडियम हाइड्रोक्लोराइड का छिड़काव किया जा रहा है। ग्राम पंचायत के सदस्यों और सामाजिक संगठनों द्वारा फेस मास्कों का वितरण किया जा रहा है तथा नागरिकों को अपनी आंखें, नाक और मुंह स्पर्श नहीं करने और हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोने के साथ ही व्यक्तिगत स्तर पर दूरी बनाए रखने के बारे में भी बताया जा रहा है। ग्रामीणों को राशन वितरण, एक समाजसेवी संगठन द्वारा मवेशियों के लिए चारा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बिहार ग्राम पंचायत सिंहवाहिनी में सरपंच ने एक मिसाल पेश की है। यह ग्राम पंचायत भारत-नेपाल सीमा से सिर्फ 14 किलोमीटर दूर स्थित है। दीवारों पर लेखन के माध्यम से लोगों के बीच जागरूकता का प्रसार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ ग्रामीणों और प्रवासियों को सामाजिक दूरी अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही कांकेर जिले में स्थित गांव में लौटने वालों को जरूरी सावधानियां बरतने के बारे में बताया जा रहा है। पीआर अधिकारियों द्वारा मनरेगा कृषि मजदूरों और कामगारों को सामाजिक दूरी अपनाने और हाथ धोने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। तमिलनाडु कन्नानूर ग्राम पंचायत में स्वच्छता का काम किया जा रहा है। मेत्तुपत्ती ग्राम पंचायत में ग्रामीण ग्राम पंचायत से राशन और जरूरी सामान लेते समय सामाजिक दूरी का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। कोयम्बटूर जिले के पोलाची उत्तर विकासखंड के गांव वडक्कीपलायम में कीटाणुनाशक का छिड़काव किया जा रहा है। तिरुवल्लूर जिले के विकासखंड पुल्लारम्बक्कम में वंचित समुदायों के बीच वाहनों के द्वारा सब्जियों का वितरण किया जा रहा है। विरुद्धनगर विकासखंड में व्यापक स्तर पर स्वच्छता और कीटाणुनाशक के छिड़काव का काम किया जा रहा है। तिरुवन्नामलाई जिले के हरेक घर में कीटाणुनाशक का छिड़काव हो रहा है। जिले में स्वास्थ्य और स्वच्छता कर्मचारियों को 3 प्रकार की पीपीई किट वितरित की गई हैं। पंचायत अधिकारियों की देखरेख में, तिरुपुर जिले के मंगलपुर पंचायत को संक्रमणमुक्त करने का काम किया जा रहा है। ओडिशा कटक, भुवनेश्वर और भद्रक में शटडाउन के दौरान कई ग्राम पंचायतों में निराश्रित व्यक्तियों को खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत भंडारीपोखरी में लाभार्थियों को 1,000 रुपये की खाद्य सुरक्षा सहायता वितरित की गई है। भद्रक जीपी के अंतर्गत आने वाले सदर ग्राम पंचायत क्षेत्रों में ओडिशा अग्निशमन सेवाओं द्वारा स्वच्छता कार्य कराया जा रहा है। सदर विकासखंड के आसपास की ग्राम पंचायतों के सब्जी किसानों को समर्थन देने के लिए ‘ज्यादा आजीविका, कम भीड़’ के लक्ष्य के साथ भद्रक में सामाजिक दूरी के नियमों के साथ स्थानीय बाजारों का परिचालन किया जा रहा है। बामता विकासखंड, जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायतों के प्रधान न सिर्फ ग्रामीणों को कोविड 19 के बारे में जागरूकता का प्रसार कर रहे हैं और बचाव के उपायों के साथ ही विद्यालयों, आंगनवाड़ियों, जीपी कार्यालय, मंदिरों, घरों, गलियों सहित सरकारी संस्थानों की सभी इमारतों में स्वच्छता कार्य कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत के स्तर पर ग्रामीणों को मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, साथ ही स्थानीय युवाओं की मदद से प्रवासी मजदूरों को राशन वितरित किया जा रहा है। तेलंगाना तेलंगाना राज्य में जिला स्तर पर जागरूकता बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। सभी सरपंचों, काउंसिलर्स, जिला परिषद सदस्यों, नगर पालिका चेयरमैनों, तहसीलदारों आदि को कोविड 19 प्रोटोकॉल के बारे में प्रशिक्षण दिया गया है। रंगारेड्डी जिले की एसबी पल्ली ग्राम पंचायत द्वारा स्वच्छता या सैनिटाइज करने के बाद ही सार्वजनिक सेवा से जुड़े स्वयंसेवकों और सरकारी अधिकारियों को गांवों में प्रवेश दिया जा रहा है। शकरापल्ली मंडल की चेयरपर्सन ने खुद अपने हाथ से मास्कों की सिलाई की और कोटापल्ली ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को वितरित किए। मेडक जिले के शल्कारम्पेट मंडल में एमपीडीओ ने ऐसे लाभार्थियों को सीधे पेंशन के वितरण का काम किया, जो लॉकडाउन के चलते बैंकिंग सुविधाओं का फायदा नहीं उठा सकते हैं। महाराष्ट्र महाराष्ट्र से अपने घर जाने की कोशिश कर रहे प्रवासी कामगारों को लॉकडाउन में आश्रय उपलब्ध कराया गया है और अधिकारियों द्वारा चावल का पानी (राइस ड्रिंकिंग वाटर) उपलब्ध कराया जा रहा है। कर्नाटक उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल तालुक में जाली नगर पंचायत ने सराहनीय प्रयास किए हैं। नगर पंचायत ने देश भर में लॉकडाउन लागू होने से पहले ही कोविड 19 के खिलाफ लड़ाई में बचाव के कदम उठा लिए थे। भटकल समुद्र तट पर स्थानीय लोगों, मछुआरों और पर्यटकों की भीड़ का जुटना सामान्य बात है। पंचायत अध्यक्ष ने समुद्र तट पर लोगों की आवाजाही सीमित करने के लिए सबसे पहले क्षेत्र की सीमाएं सील करने की रणनीति पर अमल किया। वह पड़ोस की ग्राम पंचायतों को इस दिशा में प्रेरित करने के काम से जुड़े रहे और उन्हें समर्थन दिया। उन्होंने कोरोना वायरस के बारे में लोगों को जागरूक बनाने के लिए पम्पलेट भी छपवाए। ग्रामीणों की आरंभिक जांच करने के लिए, ग्राम पंचायत ने रामनगर जिले के कनकपुरा तहसील के उइमबाली ह्रम पंचायत के आशा कार्यकर्ताओं को थर्मल स्कैनर उपलब्ध कराया। लद्दाख कारगिल जिले के द्रास विकासखंड की चौकियाल ग्राम पंचायत, (सबसे ज्यादा ठंडे इलाकों में से एक) और लेह जिले की दिसकेत नुब्रा ग्राम पंचायत में खाद्य आपूर्तियों का वितरण किया जा रहा है। लद्दाख में स्वास्थ्य जांच शिविरों और क्वारंटाइन इकाइयों की व्यवस्था की गई है। झारखंड कोडरमा जिले के दूरदारज के गांवों में वन कर्मचारियों द्वारा मुफ्त राशन का वितरण कराया जा रहा है। केरल एर्नाकुलम जिले में वडाक्केकरा में एक वेबसाइट की शुरुआत की गई है, जो आपातकालीन प्रतिक्रिया गतिविधियों के एक प्लेटफॉर्म के रूप में काम करती है। स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की मदद से पंचायतों और नगरपालिकाओं में 1304 सामुदायिक रसोई शुरू की गई हैं। इनमें से, 1100 सामुदायिक रसोई का काम कुदुम्बश्री (राज्य महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम) के साथ मिलकर किया जा रहा है और बाकी एलएसजीआई द्वारा स्वयं चलाए जा रहे हैं। कुदुम्बश्री ने लगभग 300 सिलाई इकाइयों के माध्यम से 18 लाख से अधिक सूती मास्क तैयार किए हैं और इनका वितरण किया है। 21 माइक्रो उद्यमों ने 2700 लीटर सैनिटाइज़र तैयार किया है।कुदुम्बश्री के 360 सामुदायिक परामर्शदाताओं के माध्यम से, विभिन्न मानसिक मसलों का मुकाबला करने के लिए जरूरतमंद लोगों को परामर्श और समर्थन दिया जा रहा है। 15 मार्च से 5 अप्रैल तक 49,488 लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया है।कुदुम्बश्री की मदद से एलएसजीआई ने लॉकडाउन के दौरान कोविड -19 को लेकर सरकार के निर्देशों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए 22 लाख नेबरहुड ग्रुप (एनएचजी) के सदस्यों के साथ 1.9 लाख व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से एनएचजी समूहों को जानकारी दी जा रही है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सरकार ने ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्हें वास्तव में सहायता की जरूरत है। उन्हें उपलब्ध कराई गई राहत सामग्रियों में सब्जियां, राशन के सामान, चिकन, बेकरी उत्पादों और पेयजल शामिल हैं। कुछ परिवारों को मौद्रिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। पूरे द्वीप समूहों में घर-घर सहायता दी जा रही है। लोगों की बेहतरी के लिए स्वयंसेवकों द्वारा 24 घंटे काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायत नील केंद्र में सफाई कर्मचारी दुकानों, सब्जी बाजार, पंचायत भवन और सार्वजनिक स्थलों सहित पूरे बाजार में स्वच्छता कराई जा रही है। गोवा सत्तारी (उत्तर गोवा) में सोनल गांव के नागरिकों ने एक लकड़ी का दरवाजा तैयार किया है, जिस पर 24 घंटे क्षेत्र के युवा तैनात रहते हैं। ग्रामीणों को बाहर निकलने की जरूरत न हो, इसके लिए ग्राम पंचायत के द्वारा गांव के भीतर ही आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उत्तर प्रदेश सिद्धार्थनगर जिले में एक डाककर्मी ग्रामीणों को माइक्रो एटीएम के माध्यम से नकदी प्रदान करने में मदद कर रहा है। मेरठ मंडल के सभी 6 जिलों में लगभग 20,000 प्रवासियों की पहचान की गई है। कुल 600 प्रवासियों द्वारा विदेश यात्रा की जानकारी मिली है। कुल 700 क्वारंटाइन केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है, जिनमे 6600 लोगों को रखा गया हैं। ग्राम प्रधान / सचिव द्वारा भोजन और रहने की उचित सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इस कठिन समय में सभी निराश्रित परिवारों को राहत के रूप में 1000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। प्रवासियों और कमज़ोर/गरीबों को राशन / पका हुआ भोजन दैनिक आधार पर वितरित किया जा रहा है। सभी 2820 सफ़ाई कर्मचारिओं को मास्क, सैनिटाइज़र / साबुन, दस्ताने आदि प्रदान किए गए हैं और वे प्रतिदिन गाँवों की सफाई कर रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सोडियम हाइपोक्लोराइड और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करके स्वच्छता का काम नियमित रूप से किया जा रहा है। दादरा और नगर हवेली पंचायत क्षेत्रों में प्रतिदिन स्वच्छता के साथ-साथ क्या करें और क्या न करें के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 1.32 लाख से अधिक सैनिटाइजर और 17,400 मास्क वितरित किए गए। निश्चित समय पर दुकानें खोली जाती हैं, सामाजिक दूरी आदि के पालन के लिए दुकानों के सामने फर्श पर सीमांकन। अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से जरूरतमंदों को प्रतिदिन पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। इसके अलावा पशुओं और जानवरों के भी चारा दिया जा रहा है। तीन आईईसी वाहनों द्वारा 20 ग्राम पंचायतों के सभी गांवों में कोविड - 19 के बारे में आम लोगों को जागरूकता प्रदान की जा रही है। सभी 20 ग्राम पंचायतों में 10000 हैंडबिल / पम्पलेट वितरित किए गए। सभी बहुमंजिला भवनों के लिफ्टों को कीटाणु-मुक्त कर दिया गया है और निवासियों को जागरूक किया गया है कि केवल वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और विकलांग व्यक्तियों के लिए लिफ्टों का उपयोग किया जाना चाहिए। आंध्र प्रदेश घर-घर जाकर सर्वे करना और मास्क का वितरण करना : सरकार COVID-19 की रोकथाम के लिए लोगों में 16 करोड़ से अधिक मास्क वितरित करेगी और राज्य में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने का तीसरा दौर चल रहा है। कोविड मामलों की पहचान करने के लिए कुल 1.47 करोड़ में से 1.43 करोड़ परिवारों को कवर किया गया है। अब तक, 32,349 मामलों को चिकित्सा अधिकारियों के पास भेजा गया है, जिनमें से 9,107 को परीक्षण के लिए अनुशंसित किया गया है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद(आईसीएमआर) के सुझावों के अनुरूप सर्वेक्षण किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश आजीविका मिशन, के तहत राजगढ़ जिला प्रशासन ग्राम पंचायतों में मास्क बांटने के लिए इसकी सिलाई के काम से जुड़ा है। भोपाल जिले के हुजूर तहसील में स्थित अचारपुरा ग्राम पंचायत के सरपंच ने ग्रामीणों को मुफ्त मास्क वितरित किए हैं। नरसिंहपुर जिले के चिचोली ब्लॉक के खमरिया पंचायत में लोगों को कोरोना के प्रति जागरु बनाने के लिए दीवारों पर चित्रकारी की गई है। नागालैंड राज्य सरकार के मुख्य सचिव और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री टेम्जेन टॉय ने 17 मार्च 2020 को कोविड पर एक विशेष सलाहकार समूह का गठन किया है, जो सरकार को राज्य में कोविड महामारी से निपटने की तैयारियों के बारे में सुझाव देगी । राज्य में दीमापुर में कुहुबोटो ब्लॉक के तहत आने वाले शोज़ुखु गांव के बेघर लोगों को पका हुआ भोजन तथा चौमूकेदिमा ब्लॉक के सिग्नल अंगामी गाँव में दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों को 10 किलोग्राम चावल स्वसहायता समूहों द्वारा निशुल्क दिया जा रहा है। पंजाब पंजाब के पठानकोट जिले हारा गांव की सरपंच पंचायत को सुरक्षित रखने के लिए संभावित कदमों को उठाने में प्रेरणादायी रही है। उन्होंने कोविड-19 के लिए बचाव संबंधी उपायों के बारे में परिवारों को जानकारी देने के लिए हर दरवाजे तक जाने का अभियान चलाया। वह खुद से फेस मास्क सिलती हैं। उन्होंने दूसरे गांवों से जोड़ने वाले रास्तों को बंद कर दिया एवं गांव के सभी प्रवेश बिंदुओं पर चेक पोस्ट बनाया। सरकारी स्कूल को सरपंच के पर्यवेक्षण में आइसोलेशन वॉर्ड में तब्दील कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश दुनीपंचायत (किन्नौरजिला) की महिलामंडल अपने खुद के पैसे से फेस मास्क की सिलाई कर रही हैं। ये महिलाएं प्रतिदिन 200 सेअधिक मास्कों का निर्माण कर रहीहैं और विशेष रूप से गरीब मजदूरों के लिए पंचायत में वितरण कर रही हैं। रोपा घाटी (किन्नौर जिला) के ग्राम पंचायत गोबांग ने पंचायत के क्षेत्र में सभी सार्वजनिक स्थानों एवं सरकारी संस्थानों को सैनिटाइज किया गया है। पंचायत नियमित रूप से सोशल डिस्टेंसिंग एवं लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन करने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्त्रोत : पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार।