कोरोना बीमारी से बचाव के लिए गांव में क्या क्या कर सकते हैं? गांव में किसी भी तरह के अधिक भीड-भाड वाले आयोजन जैसे, विवाह समारोह कोई मीटिंग को होने से रोकें। सामाजिक दूरी का पालन करें। ना स्वंय किसी के पास जाए ना किसी को अपने पास आने दें। मास्क लगाना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य है, इसकी जानकारी हर किसी को दी जाए। अगर बहुत जरूरी ना हो तो घर से बाहर नहीं निकलें। गांव मे मजमा लगाकर बातचीत नहीं करें। जब घर से बाहर निकलें या घर वापस आएं साबुन पानी से हाथ धोएं। खाना खाने से पहले और खाना खाने के बाद साबुन पानी से हाथ धोएं। अपने मास्क को उपयोग में लाने के बाद अगर वो दुबारा उपयोग में लाया जा सकता है तो उसे साबुन पानी से धोएं। अपने हाथ को साबुन पानी से धोए बिना चेहरे या आंखों को ना छूएं। सार्वजनिक जगहों पर ना थूकें। इससे भी वायरस का फैलाव हो सकता है। किसी खुली जगह या सार्वजनिक जगह पर छीकें या खांसे नहीं। अपने मुंह को ढंके। जब भी खांसी उठे तो अपनी कोहनी को मोडकर खांसें। हर दिन इस्तेमाल की जानेवाली वस्तुओं को साफ रखें। अपने आसपास के वातावरण की भी साफ सफाई करें। अपने ग्राम प्रधान से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि आपके पास निम्न व्यक्तियों के फोन नंबर हमेशा पास रहें। प्राथमिक स्वास्थय केंद्र के डॉक्टर नर्स या ए.एन.एम आशा कार्यकर्ता प्रखंड विकास अधिकारी प्रखंड स्तरीय कर्मचारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मल्टीपर्पस वर्कर बहुद्देशीय कार्यकर्ता जिले के उपायुक्त स्वास्थ्य सचिव नजदीकी पुलिस स्टेशन यदि संभव हो तो मुखिया या ग्राम प्रघान इन आवश्यक फोन नंबर को सामुदायिक केंद्र में लिखवा दें या पेंट करवा दें। ताकि जरूरत होने पर कोई भी व्यक्ति सहायता ले सके। गांव के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर पता करें कि ऐसे रोगी जिन्हें आगे के इलाज के लिए अस्पताल जाना है उनके लिए किसी सरकारी वाहन की व्यवस्था कैसे की जा सकती है? मुझे क्या नहीं करना चाहिए? कोरोना संक्रमित होने पर बिना डॉक्टर की सलाह कोई दवा न लें। गैर जरूरी दवाएं जो आपने बुखार के लिए पहले खाई थी उसको नहीं लें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई टेस्ट न करवाएं। बिना डॉक्टरी सलाह के छाती का एक्स रे या सीटी स्कैन या रक्त या पेशाब जांच ना करवाएं। कोरोना संक्रमित होने पर घबराएं या डरें नहीं। कोरोना कोरोना संक्रमित बहुत कम लोगों को अस्पताल जाने की जरुरत पड़ती है। क्या हर संक्रमित व्यक्ति को ऑक्सीजन की जरूरत है? नहीं, सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ऐसा किया जा सकता है। कोरोना होने पर क्या खाना चाहिए? स्थानीय स्तर पर उपजाए जानेवाले एवं उपलब्ध अनाज, सब्जी एवं घर में पकाए गए भोजन को खाना चाहिए। ताजा और गर्म भोजन करना चाहिए। हल्का एवं सुपाच्य भोजन करना चाहिए। नमक मसाला और चीनी का सेवन कम करना चाहिए। अगर संभव हो तो केला, अमरूद, आम, संतरा या स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल खाना चाहिए। खाने में कम तेल मसाले का प्रयोग करें। पत्तेदार सब्जियां खाएं। खाने में हल्दी अदरक और लहसुन का प्रयोग अधिक करें छाछ का सेवन हर दिन करें। गर्म दूध में हल्दी डालकर पीना चाहिए, इससे द्रारीर की प्रतिरोधक क्षमता बढती है। घर में उपलब्ध दालचीनी, गोलकी, अदरख और तुलसी से तैयार काढा पीएं, जैसा सर्दी, बुखार होने पर लेते हैं। गर्म पानी का सेवन दिन में कम से कम दो तीन बार करें। नियमित अंतराल पर गर्म पानी को ठंढा कर पीते रहें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। स्त्राेत : स्वास्थ्य और संचार पेशेवरों की टीम द्वारा विकसित, समन्वयक-डॉ प्रदीप कुमार , डॉ एस के चौधरी, डॉ स्वर्ण सुमन, रेणुका तिवारी एवं उपेंद्र मिश्रा।