परिचय यह मनुष्यों में वायरल श्वसन रोग है, जो कि सार्स कोरोना वाइरस (सार्स-कोव) के कारण होता है। यह गंभीर, निमोनिया का प्राणघातक प्रकार है। सार्स, वर्ष 2002 में दक्षिणी चीन के गुआंग्डोंग प्रांत में उत्पन्न हुआ था। यह संक्रमण तेजी से अन्य देशों में (महामारी) फैल गया था। अंततः इस रोग को नियंत्रण में लाने से पहले 8,000 से अधिक मामलें पाएं गए एवं 774 मौतें हुयी। लक्षण सार्स के लक्षण फ्लू जैसे हैं, जो कि आमतौर पर दो से दस दिनों की ऊष्मायन अवधि के बाद प्रकट होते हैं। उसमें निम्नलिखित शामिल है: 38ºC (100.4ºF) तापमान (बुख़ार) या उससे अधिक। थकावट (अत्यधिक थकान)। सिरदर्द । कंपकंपी। मांसपेशियों में दर्द। भूख में कमी। दस्त/अतिसार/डायरिया। कारण कोरोना वायरस पॉज़टिव स्ट्रैन्ड एन्वेलेप्ट आरएनए वायरस है, जो कि स्तनपायी और पक्षियों के महत्वपूर्ण रोगजनकों है। यह वायरस समूह मनुष्य, मवेशी और पालतू जानवरों सहित विभिन्न प्रकार के जानवरों की आंतों या श्वसन पथ में संक्रमण का कारण है। निदान पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन (पीसीआर): गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (एसएआरएस) में नैदानिक परीक्षणों के लिए रक्त, मल, श्वसन स्राव या शरीर के ऊतकों जैसे विभिन्न नमूनों से सार्स-करोना वायरस के आनुवंशिक तथ्यों का पता लगाया जाता है। एलिसा (एंजाइम लिंक्ड इम्युनो सोरबेंट अर्से): यह परीक्षण रोग की शुरूआत होने लगभग इक्कीस दिन के बाद सार्स रोगियों में किया जाता है, उनके सीरम में आईजीएम और आईजीजी एंटीबॉडी परीक्षण सकारात्मक हो सकता है। आईएफए (इम्यूनोफ्लोरेसेंस अर्से): यह परीक्षण रोग के लगभग दस दिनों के बाद सार्स रोगियों में किया जाता है। उनके सीरम में आईजीएम एंटीबॉडी परीक्षण सकारात्मक हो सकता है। इस परीक्षण का उपयोग आईजीजी परीक्षण करने के लिए भी किया जाता है। यह विश्वसनीय परीक्षण है, जिसमें इम्यूनो फ्लूअरेसन्स माइक्रस्कोप में निर्धारित सार्स वायरस के उपयोग की आवश्यकता होती है। सकारात्मक आईजीजी के एंटीबॉडी परीक्षण के परिणामस्वरुप सार्स-सीओवी पिछले संक्रमण का संकेत देता हैं। स्वास्थ्य लाभ के दौरान लिए गए सीरम में सेरोकोनवर्जन नकारात्मक से सकारात्मक या एक्यूट से एंटीबॉडी टाईटर में चार गुना वृद्धि से संक्रमण का संकेत मिलता है। नकारात्मक एंटीबॉडी परीक्षण के परिणाम: यदि रोग की शुरूआत होने के इक्कीस दिनों के बाद एंटीबॉडी नकारात्मक है, तो उसे सार्स का संक्रमण नहीं हुआ है। प्रबंधन उपचार मुख्यत: सहयोगात्मक है एवं इसमें निम्नलिखित शामिल हैं: ऑक्सीजन देने के लिए वेंटीलेटर का उपयोग किया जाता है, जो कि सांस लेने में सहायता करता है। फेफड़ों में सूजन को कम करने के लिए स्टेरॉयड की उच्च खुराक दी जाती है। एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग बैक्टीरिया का उपचार करने के लिए किया जाता है। यह बैक्टीरिया निमोनिया का कारण हो सकता है। किसी भी वायरल रोग के मामले में एंटीवायरल दवाएं दी जाती है। रोकथाम संक्रमण के प्रसार से बचने के लिए नीचे उल्लेख की गई सलाह अपनाना महत्वपूर्ण है: अल्कोहल आधारित हाथ साफ़ करने वाले डिटर्जेंट का उपयोग करके अपने हाथ अच्छी तरह से धोएं। जब भी आप छींके या खाँसे अपने मुंह एवं नाक को ढंकें। भोजन, पेय एवं बर्तन साझा करने से बचें। निस्संक्रामक से सतहों को नियमित साफ़ करें। नेशलन हेल्थ पाेर्टल एवं विकासपीडिया द्वारा स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए केवल सांकेतिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। किसी भी निदान/उपचार के लिए कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्त्राेत : नेशलन हेल्थ पाेर्टल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , भारत सरकार।