<div id="MiddleColumn_internal"> <h3 style="text-align: justify; "><strong>परिचय </strong><strong> </strong></h3> <ul style="text-align: justify; "> <li>पेशाब करने वाले अंग खून कि गंदगी को पेशाब के रास्ते निकाल देते हैं </li> <li>पेशाब करने वाले अंग में बहुत तरह के विकार आ जाते हैं</li> <li>कुछ विकार तो बहुत ही खतरनाक होते हैं </li> <li>शुरू में मामूली लक्षण होते हैं पर आगे विकराल रूप ले लेटे हैं </li> <li>डाक्टर कि सलाह शुरुआत में ही ले लेंI</li> <li>बड़ी उम्र के लोगों में पेशाब करने के अंग के ऊपरी हिस्से में ग्रंथी बन जाती है, जिससे पेशाब करने में तकलीफ होती हैI</li> <li>महिलाओं में पेशाब करने वाले अंगों को छुतहा रोग जल्दी हो जाता है </li> <li>गुरदे में पथरी कि बीमारी भी आम शिकायत है </li> <li>मैथुन द्वारा भी कुछ छुतहा रोग फैलते हैंI</li> </ul> <h3 style="text-align: justify; "><strong>बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्लैंड </strong><strong> </strong></h3> <ul style="text-align: justify; "> <li>प्रोस्टेट ग्लैंड का बढ़ना बड़ी उम्र के लोगों कि आम शिकायत है <strong> </strong></li> <li>यह ग्लैंड मूत्राशय और पेशाब कि नली के बीच में होता है <strong> </strong></li> <li>इस रोग में ब्यक्ति को पेशाब करने और मल करने में कठिनाई होती हैI<strong> </strong></li> <li>पेशाब या तो आता नहीं या बूंद-बूंद कर निकलता हैI कई बार तो रोगी कई-कई दिनों तक पेशाब नहीं कर पाता हैI<strong> </strong></li> <li>अगर रोगी को बुखार भी लगता है तो समझना चाहिए कि रोग छुतहा है <strong></strong></li> <li>रोगी पूरे तौर पर मूत्राशय खाली नहीं कर पाता है, इसके कारण वह बार-बार पेशाब करता हैI<strong></strong></li> <li>डाक्टरी इलाज कि जरुरत हैI<strong></strong></li> </ul> <h3 id="_mcePaste" style="text-align: justify; ">प्रोस्टेट स्वास्थ्य</h3> <div id="_mcePaste" style="text-align: justify; "></div> <div id="_mcePaste" style="text-align: justify; ">वैज्ञानिक अध्ययन के कुछ क्या पारंपरिक रूप से पश्चिमी देशों में पोषण पौष्टिक खाद्य पदार्थ माना गया है की चुनौती दे रहे हैं। वहाँ है बढ़ते सबूत पता चलता है कि दूध प्रोस्टेट के लिए बुरा हो सकता। देशों है कि सबसे अधिक दूध की खपत सबसे ज्यादा बढ़े हुए प्रोस्टेट स्तरोंहै। दूध में कैल्शियम होने के लिए समस्या दिखाई देती है। अत्यधिक कैल्शियम की खपत जाहिरा तौर पर विटामिन डी कि मदद करता है प्रोस्टेट कैंसर को बाधित के एक फार्म के संश्लेषण को रोकता है। पुरुषों के लिए जो टमाटर, टमाटर-आधारित खाद्य पदार्थ, तरबूज, और गुलाबी अंगूर का उपभोग कथित तौर पर करने के लिए प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना कम कर रहे हैं।</div> <div id="_mcePaste" style="text-align: justify; "></div> <div id="_mcePaste" style="text-align: justify; ">कई ट्रेस पोषक तत्वों कि अक्सर हमारे आहार में कमी कर रहे हैं भी प्रोस्टेट स्वास्थ्यमें वृद्धि। जिंक की कमी विशेष रूप से प्रोस्टेट को प्रभावित करता है क्योंकि यह ग्रंथि यह अधिक से अधिक किसी भी अन्य अंग, उपयोग करता तो एक जस्ता अनुपूरण के बढ़े हुए प्रोस्टेटको कम कर सकते हैं। सेलेनियम एक और ट्रेस पोषक तत्व है कि प्रोस्टेट स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है है। सेलेनियम सेवन बढ़ाने प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए दिखाया गया है। अतिरिक्त पोषण संबंधी कारकों है कि प्रोस्टेट कैंसर को बाधित कर सकते हैं शामिल है विटामिन ई, विटामिन डी, सोया-आधारित खाद्य पदार्थ, और लहसुन।</div> <h3 style="text-align: justify; "><strong>पेशाब के नली के छुतहा रोग </strong><strong></strong></h3> <ul style="text-align: justify; "> <li>इस रोग में पेशाब कि नली और मूत्राशय पर छूत का असर होता हैI</li> <li>महिलाओं में यह रोग ज्यादा होता है </li> <li>कई महिलाओं में मैथुन के बाद छूत का अहसास होता है </li> <li>कभी-कभी बुखार, कंपकपी और सिर दर्द होता है</li> <li>पेशाब करने में तकलीफ होती है </li> <li>बार-बार पेशाब लगता है </li> <li>पेशाब रोग पाना मुश्किल हो जाता है </li> <li>पेशाब का रंग मैला या लाली लिए होता है </li> <li>कमर के निचले हिस्से में दर्द होता है </li> <li>कभी-कभी टांगे दुखती है</li> <li>गम्भीर होने पर चेहरा और पांव फूल जाते हैंI</li> </ul> <p style="text-align: justify; "><strong> </strong></p> <p style="text-align: justify; "><strong>बचाव और रोकथाम</strong><strong></strong></p> <ul style="text-align: justify; "> <li>शौच जाने के बाद शरीर कि सफाई करें </li> <li>गुदा को साफ रखें </li> <li>कम से कम दस गिलास पानी रोज पिएं </li> <li>आराम न आने पर डाक्टर कि सलाह लें I</li> </ul> <h3 style="text-align: justify; "><strong>गुरदे या मूत्राशय की पथरी </strong><strong></strong></h3> <ul style="text-align: justify; "> <li>गुरदे में पथरी वहाँ बनता है जहां गाढ़ी मात्रा में पेशाब जमा होता हैI</li> <li>इससे छोटे कण बनते हैं जो बाद में छोटे या बड़े पत्थर हो जाते हैं </li> <li>पत्थरी बन जाने पर पेशाब के रास्ते में दर्द होता है, मल से खून भी निकल सकता हैI</li> <li>आम तौर पर पीठ, पसली या पेट के निचले हिस्से में काफी दर्द होता हैI</li> <li>कई बार पेशाब कि नली बंद हो जाती हैI </li> </ul> <p style="text-align: justify; ">स्त्रोत: संसर्ग, ज़ेवियर समाज सेवा संस्थान</p> </div>