आतिशबाजी का प्रदर्शन - क्या करें और क्या न करें क्या करें केवल अधिकृत / प्रतिष्ठित विनिर्माताओं से आतिशबाजी खरीदें । एक समय में एक व्यक्ति द्वारा केवल एक ही आतिशबाजी सुलगाई जाए । इसे अन्य व्यक्तियों द्वारा सुरक्षित दूरी से देखना चाहिए । प्रयोग की जाने वाली आतिशबाजी एक सुरक्षित स्थान पर रखी जाए । किसी एक व्यक्ति द्वारा पटाखे सुलगाने के बजाय आतिशबाजी के सामुदायिक प्रदर्शन का आयोजन किया जाए । हमेशा पटाखे सुलगाने के लिए एक लंबी मोमबत्ती / फुलझडी का उपयोग करें और शरीर और पटाखों के बीच दूरी बढ़ाने के लिए हाथ सीधा रखा जाए । हमेशा दो बाल्टी पानी तैयार रखें । अग्नि दुर्घटना की स्थिति में लौं बुझाने हेतु इन बाल्टियों से पानी डाले । हर बडी आग शुरू में छोटी ही होती है । जलने की स्थिति में जले हुए भाग पर बडी मात्रा में पानी डाले । बहुत अधिक जलने की स्थिति में प्रथमतः आग बुझाए‚ पीड़ित व्यक्ति के सुलगते कपडे हटा दें और उसे एक साफ चादर में लपेटें । पीड़ित व्यक्ति को अग्नि दुर्घटना विशेषज्ञ या किसी बडे अस्पताल में ले जाना चाहिए । पीड़ित व्यक्ति की आंख में जलन होने की स्थिति में नल के पानी से उसकी आंख दस मिनट धोएं और उसे अस्पताल ले जाना चाहिए । क्या न करें आतिशबाजी हाथ में पकडकर न सुलगाए । आतिशबाजी सुलगाते हुए उसपर ना झूकें । आतिशबाजी किसी पात्र में ना जलाए । बुझे हुए आतिशबाजी के पास तुरंत ना जाए । बुझे हुए आतिशबाजी के साथ छेड़छाड़ न करें । घर में आतिशबाजी बनाने का प्रयास न करें । छोटे बच्चों को आतिशबाजी के प्रयोग की अनुमति न दें । आतिशबाजी अन्य लोगों पर न ही फेंकें न ही उनकी ओर इंगित करें । आतिशबाजी जेब में न ले जाए । जलती मोमबत्ती और दीये के पास आतिशबाजी का भंडारण न करें । संकीर्ण गलियों में आतिशबाजी न सुलगाए‚ अच्छा हो कि खुले क्षेत्रों और पार्कों का उपयोग करें । सिंथेटिक कपड़े न पहनें‚ अच्छा हो कि मोटे सूती कपड़े ही पहने । ढीले कपडे न पहने; सभी कपडे महफ़ूज़ रखें । जले भाग पर कोई क्रीम‚ मरहम या तेल न लगाएं । अग्नि दुर्घटना में जले व्यक्ति को अस्पताल ले जाते समय लापरवाही से वाहन न चलाएँ । एक घंटे का विलंब ग्राह्य है । तेज़ हवाएं चल रहीं हो तो, उडने वाली आतिशबाजी न सुलगाए । स्त्रोत: पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो)