गुणों की खान है अदरक अदरक को आयुर्वेद में गुणों की खान कहा जाता है।छोटे से दिखने वाले इस आयुर्वेदिक औषधि में कई सारे गुण समाहिता है।आयुर्वेद शास्त्र में अदरक कई बीमारियों की एक दवा कहा जाता है ।इन दिनों मौसम में परिवर्तन आ रहा है, ठण्ड ने अपना दस्तक देना शुरू कर दिया है, ठण्ड के दिनों में अदरक का सेवन सर्दी जुकाम जैसी समस्याओं के लिए रामबाण औषधि है।सर्दी-जुकाम में अदरक के कारगर होने की बात सुनी होगी, लेकिन नए वैज्ञानिक शोध के मुताबिक अदरक मधुमेह की समस्या में भी कारगर साबित होती है। इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले एंटी कैंसर तत्व कैंसर के खतरे भी कम करते हैं। यह गर्म, तीक्ष्ण, भारी, पाक में मधुर, भूख बढ़ाने वाला, पाचक, चरपरा, रुचिकारक, त्रिदोष मुक्त यानी वात, पित्त और कफ नाशक होता है। गंभीर बीमारियों में उपयोगिता अदरक को जो किसी न किसी रूप में सेवन करता है वह हृदय रोग से दूर रहता है। अदरक शुगर तथा डायबिटीस को कंट्रोल करती है। अदरक, नींबू, सेंधा नमक मिलाकर खाने से, हमें कैंसर से बचाता है। जुकाम से, नाक बंद हो जाये, टॉन्सिल, बहरापन तथा कान बहने जैसे रोगों में अदरक का सेवन करें। इसी प्रकार अदरक तमाम परेशानियां दूर करती है। अदरक के औषधि गुणों के बारे में जीवा आयुर्वेद के निदेशक और प्रसिद्द आयुर्वेदाचार्य डॉ प्रताप चौहान बताते हैं की अदरक रूखा, तीखा, उष्ण-तीक्ष्ण होने के कारण कफ तथा वात का नाश करता है , पित्त को बढ़ाता है। इसका अधिक सेवन रक्त की पुष्टि करता है। यह उत्तम आमपाचक है। भारतवासियों को यह सात्म्य होने के कारण भोजन में रूचि बढ़ाने के लिए इसका सार्वजनिक उपयोग किया जाता है। आम से उत्पन्न होने वाले अजीर्ण, अफरा, शूल, उलटी आदि में तथा कफजन्य सर्दी-खाँसी में अदरक बहुत उपयोगी है। अदरक का औषधि-प्रयोग आयुर्वेदाचार्य डॉ प्रताप चौहान के अनुसार अदरक का सेवन आपको कई बीमारियों से मुक्ति दिल सकता है। आइये जानते है अदरक के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में - सर्दी-खाँसी : 20 ग्राम अदरक का रस 2 चम्मच शहद के साथ सुबह शाम लें। वात-कफ प्रकृतिवाले के लिए अदरक व पुदीना विशेष लाभदायक है। खाँसी एवं श्वास के रोग : अदरक और तुलसी के रस में शहद मिलाकर लें। सर्दी और पेट की बीमारियां दूर करने में अदरक का उपयोग आम है, लेकिन एक अन्य नए शोध के मुताबिक अदरक का रोजाना उपयोग व्यायाम से मांसपेशियों में होने वाले दर्द को भी कम करता है। शोध में पाया गया कि कच्चा अदरक खाने वाले लोगों में दर्द २५ फीसद कम रहा। इसके अलावा ताजा अदरक पीस कर दर्द वाले जोडों और मसल्स पर लेप करने से सूजन और दर्द में आराम मिलता है। लेप अगर गर्म करके लगाया जाए तो असर जल्दी होता है। अदरक त्वचा को आकर्षक व चमकदार बनाने में भी मदद करता है। सुबह खाली पेट एक ग्लास गुनगुने पानी के साथ अदरक का एक टुकड़ा खाने से त्वचा में निखार आता है। उलटी : अदरक व प्याज का रस समान मात्रा में मिलाकर 3-3 घंटे के अंतर से 1-1 चम्मच लेने से अथवा अदरक के रस में मिश्री में मिलाकर पीने से उलटी होना व जी मिचलाना बन्द होता है। हृदयरोग : अदरक के रस व पानी समभाग मिलाकर पीने से हृदयरोग में लाभ होता है। पेट की गैस : आधा-चम्मच अदरक के रस में हींग और काला नमक मिलाकर खाने से गैस की तकलीफ दूर होती है। स्त्रोत : ज्योति,प्रियस कम्युनिकेश क्या है अदरक के औषधीय गुण? जानें इस विडियो को देखकर